best news portal development company in india

आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

SHARE:

देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लंबित परीक्षाएं जल्द कराए जाने, रुके हुए परीक्षा परिणाम अविलंब घोषित किए जाने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर आयुर्वेद विश्वविद्यालय में बीएएमएस छात्रों का अनिश्चितकालीन जारी है। छात्रों ने मांगों पर गौर नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
कैम्पस में धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही और उदासीनता बरतने का आरोप लगाया। छात्रों का कहना है कि विवि का शैक्षणिक कैलेंडर पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। साल 2019 से 2022 तक के बैच के छात्र छात्राएं विश्वविद्यालय गेट पर एकत्रित हुए और अपनी मांगों के समर्थन में डटे रहे। छात्रों ने विवि प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे के भीतर कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। छात्रों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा कि ना तो उनकी परीक्षाएं समय पर आयोजित की जा रही है और ना ही परीक्षा परिणाम घोषित किया जा रहे हैं। इससे ना सिर्फ उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है, बल्कि विवि में बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन सर्जरी का कोर्स करने वाले छात्रों का करियर भी दांव पर लग गया है।
अनिश्चितकालीन धरना दे रहे छात्रों का कहना है कि अब यह विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ आर पार की लड़ाई हो गई है। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई वरिष्ठ अधिकारी छात्रों से बातचीत के लिए नहीं पहुंचा, इससे छात्रों में आक्रोश व्याप्त है। गौरतलब है कि छात्र 2019-20 और 2021 बैच के परीक्षा परिणामों की घोषणा नहीं होने, 2018 बैच की डिग्री जारी करने में हो रहे विलंब की वजह से आंदोलन के राह पर हैं। धरना दे रहे छात्रों का आरोप है कि इन तमाम बिंदुओं पर कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखा गया उसके बावजूद मांगों की अनदेखी की जा रही है। डिग्री नहीं मिलने की वजह से आगे की पढ़ाई व रोजगार के अवसरों के लिए वह आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।

Dobry News
Author: Dobry News

Leave a Comment