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आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज के सानिध्य में हुई मंगल कलश स्थापना

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देहरादून। संस्कार प्रणेता आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज के सानिध्य में कलश स्थापना कार्यक्रम प्रिंस चैक स्थित दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन धर्मशाला 60 गांधी रोड पर आयोजित किया गया। सौरभ सागर महिला समिति द्वारा मंगलाचरण की प्रस्तुति दी गयी इसके पश्चात सौरभ सागर बालिका मंडल द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात भगवान महावीर स्वामी एव गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी महामुनिराज के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेयर सौरभ थपलियाल, विशिष्ट अतिथि विधायक खजान दास  एवं विशाल गुप्ता, सौरभ सागर सेवा संस्थान गजियाबाद, सौरभांचल कमेटी गन्नौर के साथ समाज के गणमान्य लोगांे द्वारा किया गया।
पूज्य आचार्य श्री के 31वंे मंगल वर्षायोग के मुख्य मंगल कलश प्राप्त करने का सौभाग्य रुक्मणि जैन धर्मपत्नी सुभाष चंद जैन के पुत्र-पुत्रवधु अमित जैन दीपा जैन को प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त आशीष जैन सीमा जैन सम्यक जैन अलौकिता जैन आशीष कंस्ट्रक्शन, राजेंद्र नगर एवं अजय कुमार जैन नीलम जैन (सुपुत्री नरेन्द्र कुमार जैन, चावल वाले) सृष्टि जैन दीप्तांश जैन (दिल्ली), एवं इंदु जैन धर्मपत्नी वीरेंद्र कुमार जैन के पुत्र-पुत्र वधु वैभव जैन आंचल जैन विनीत जैन पिंकी जैन (परिवार) चमन विहार, एव संजय जैन अलका जैन मल्टी चैनल, एवं सुनील जैन रामनगर दिल्ली को भी चातुर्मास कलश प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर आचार्य सौरभ सागर जी ने कहा कि हमें सारथी बनकर काम करना चाहिए स्वार्थी बनकर नहीं, एक होकर कार्य करना चाहिए, समाज में एकता ना हो तो समाज का पतन होता है, घर में एकता ना हो तो घर का पतन होता है ,नेताओं में एकता ना हो तो देश का पतन होता है,. लेकिन यहां का जैन समाज जैन समुदाय की मै सराहना करता हूं जिनके बीच आपस में समन्वय और एकता के साथ सारे किए जाने की क्षमता है वह सब बधाई के पात्र हैं जिनका 2029 से अब मुझसे 6 साल तक निरंतर संपर्क रहा धर्म को अगर कोई बचा सकता है तो वह सभी धर्म प्रेमी अगर राजनीतिक तौर पर सहयोग मिले तो किसी भी तीर्थ स्थल पर और मंदिरों पर कोई आंच नहीं आ सकती।चातुर्मास कलश स्थापना का अवसर समाज को तब मिलता है जब वह किसी संत का चातुर्मास नगर में कराती है और इस अवसर पर स्थापित होने वाले कलश के पुण्यार्जन की बोली जो सौभाग्यशाली परिवार लेता है वह उस परिवार के लिए जीवन भर के लिए यादगार बन जाता है क्योंकि ये नई पीढ़ी को संस्कारित करने का अवसर 4 माह के चातुर्मास कलश का पुण्यार्जन, जीवनभर यादगार खुद के साथ नई पीढ़ी को संस्कारित करने का अवसर होता है। कार्यक्रम का संचालन पंडित संदीप जैन सजल इंदौर ने किया। कलश स्थापना कार्यक्रम में लखनऊ, दिल्ली, मेरठ, गजिआबाद,सरधना, मुज्जफरनगर, बीना गंज, जयपुर, रूडकी, हरिद्वार,बरेली आदि से बड़ी संख्या में गुरुभक्त पधारे। कार्यक्रम के पश्चात विजय कुमार, राजीव कुमार जैन (फोम हाउस) परिवार द्वारा सभी के सुरुचिपूर्ण भोजन की व्यवस्था की गयी।

Dobry News
Author: Dobry News

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